गणेश चतुर्थी Ganesh chaturthi 2026: कब है, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि
14 सितंबर 2026 को सोमवार के दिन गजकेसरी राजयोग में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाएगा.
भगवान गणपति की तुला राशि थी और गजकेसरी योग था इस बार भी तुला राशि और गजकेसरी योग में गणपति उत्सव का महापर्व प्रारंभ होगा जो 25 सितंबर 2026 तक चलेगा गणपति की स्थापना प्रातः 11 से 1:00 बजे के मध्य करना चाहिए उनको किसी फटे पर आसन के ऊपर विराजना चाहिए और उनका पूरा श्रृंगार करके दरबार लगाना चाहिए उसे में रिद्धि सिद्धि का पूजन होना चाहिए शुभ लाभ अंकित होना चाहिए उनका भोग लगता है मेवा का क्योंकि कहा गया है हार चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा लड्डू का भोग लगे संत करें सेवा तो लड्डू का भोग जरूर लगता है और दूर्वा जरूर चढ़ाई जाती है मूषक के लिए लड्डू अलग से रखा जाता है इस दिन बच्चों के यदि बैग और कॉपी पेन का पूजन किया जाए तब baccho का भी शिक्षा में रुझान बढ़ता है संध्या काल में आरती की जाती है और प्रार्थना की जाती है की गजानन गणपति महाराज घर में रिद्धि सिद्धि के साथ आए और विघ्न विनाशक सारे विघ्नों को शांत करें

Post a Comment