Sampatti Ka Yog Kaise Banta Hai
बहुत उत्तम विषय लिया है भाई साहब सबसे पहले संपत्ति देखने के लिए चतुर्थ भाव देखा जाता है चतुर्थ भाव और चतुर्थ भाव का स्वामी यदि केंद्रीय त्रिकोण में है तो संपत्ति का उत्तम योग बनता है इसके बाद चतुर्थ भाव का कारक और देवगुरु बृहस्पति और मंगल की उत्तम स्थिति चल अचल संपत्ति का योग बनती है यदि जातक का चतुर्थ स्थान में शनि है तो उसका मकान पुराना मिलता है यदि चतुर्थ भाव का स्वामी गुरु है तो उसे नया भवन मिलता है या वह बनावत है यदि चतुर्थ स्थान पर पाप ग्रहों की दृष्टि है तब प्रॉपर्टी में विलंब होता है चतुर्थ स्थान पर राहु की दृष्टि होने के कारण प्रॉपर्टी का योग में समस्या आती हैजन्म कुंडली में 12वीं स्थान में शनि हो तो प्रॉपर्टी 47 साल की उम्र के बाद होती है उससे पहले होने पर घर में किसी का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है |
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